जरुशलम/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच कथित शांति समझौते की खबरों के बीच पश्चिम एशिया की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और दावों के अनुसार हुए इस समझौते को लेकर इजराइल काट्ज़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे इजराइल की सुरक्षा से जोड़ते हुए अस्वीकार किया है।
काट्ज़ ने बयान में कहा कि इजराइल “कोई बनाना रिपब्लिक नहीं” है और वह अपने सुरक्षा हितों पर किसी बाहरी समझौते को बाध्यकारी नहीं मानता। उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान, सीरिया और गाजा क्षेत्र में मौजूद रणनीतिक स्थितियों को देखते हुए इजराइल अपने सुरक्षा हितों से समझौता नहीं करेगा।
इस कथित समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत पुष्टि सार्वजनिक नहीं की गई है, हालांकि दावों में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील और आर्थिक निवेश से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया जा रहा है।
इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्विर ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इजराइल एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है और वह किसी भी बाहरी दबाव में निर्णय नहीं लेगा। उन्होंने ऐतिहासिक समझौतों का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षा से जुड़े फैसलों में किसी भी तरह की ढील देश के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
इस बीच क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसे किसी समझौते की पुष्टि होती है, तो यह इजराइल और ईरान के बीच पहले से चले आ रहे तनाव को और बढ़ा सकता है।
फिलहाल स्थिति को लेकर विभिन्न पक्षों से आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर नजर बनी हुई है।