धमतरी। जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों पर की गई जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
जांच के दौरान मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री और कंप्यूटराइज्ड बिल न देने की शिकायत सही पाई गई। इस पर कार्रवाई करते हुए दुकान का उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और वहां रखी 859 बोरी रासायनिक उर्वरक जब्त कर ली गई।
इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई है। नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी और जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई। दोनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
वहीं कुरूद विकासखंड के चंडी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया, साथ ही मूल्य सूची और स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं होने पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
कुल मिलाकर इस कार्रवाई में 1500 से अधिक बोरी खाद जब्त की गई है। प्रशासन की इस सख्ती से कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय हमेशा पक्का बिल लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।