नई दिल्ली| राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में देशभर में कुल संज्ञेय अपराधों में गिरावट आई है। कुल 58.8 लाख मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के 62.4 लाख मामलों से लगभग 6 प्रतिशत कम हैं।
संज्ञेय और गंभीर अपराधों में गिरावट :
रिपोर्ट में हत्या जैसे गंभीर अपराधों में 2.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। प्रति लाख आबादी पर अपराध दर 2023 के 448.3 से घटकर 418.9 हो गई।
महिलाओं के खिलाफ अपराध अब भी गंभीर चुनौती :
हालांकि संज्ञेय अपराधों में कमी आई है, महिलाओं के खिलाफ अपराध चिंताजनक बने हुए हैं। 2024 में महिलाओं के खिलाफ कुल 4,41,534 मामले दर्ज किए गए। औसतन हर घंटे करीब 50 मामले दर्ज हुए, यानी हर 18 मिनट में एक महिला के साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना हुई।
राज्यों में स्थिति:
राजस्थान: 4,871 दुष्कर्म मामले
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा भी उच्च मामलों वाले राज्य
अत्यधिक मामले पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के : 1.20 लाख से अधिक केस
इसके अलावा महिलाओं के अपहरण, पॉक्सो एक्ट, यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म से जुड़े हजारों मामले भी दर्ज हुए।
अन्य अपराधों में बदलाव
राज्य विरोधी अपराध: 5,194 मामले, 2023 से अधिक
आर्थिक अपराध:करीब 4.6 प्रतिशत की वृद्धि
भ्रष्टाचार मामले: हल्की गिरावट, 2024 में 4,053 मामले (2023 में 4,069)
विश्लेषण:
एनसीआरबी रिपोर्ट दर्शाती है कि जबकि कुल अपराध दर में कमी आई है, महिलाओं के खिलाफ अपराध अब भी गंभीर चुनौती हैं। दुष्कर्म और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।