रायपुर। पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों के हित में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पारित आदेश के बाद छत्तीसगढ़ के कर्मचारी संघ भी हाई कोर्ट जाने की तैयारी में है । वर्ष 2017 से लेकर दिसंबर 2025 के 80 महीनों का महंगाई भत्ता का एरियर्स को लेकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न कर्मचारी संघ अब हाई कोर्ट की जाने की तैयारी में है। इसी संबंध में एक मांग एक मंच अभियान के प्रांतीय संयोजक करण सिंह अटरिया के द्वारा प्रदेश के समस्त मान्यता व गैर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघों की बैठक 14 फरवरी को रखी गई है।
अटेरिया ने बताया कि महंगाई भत्ता एरियर्स की एक सूत्री मांग को लेकर प्रदेश भर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है । लगभग 16000 कर्मचारियों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मुख्य सचिव के नाम वित्त सचिव को दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा झटका देते हुए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को उनका वैधानिक अधिकार करार दिया है. जस्टिस संजय करोल और पीके मिश्रा की बेंच ने 2009 से 2019 तक का बकाया DA जारी करने का आदेश देते हुए ममता सरकार की वित्तीय तंगी वाली दलीलों को खारिज कर दिया है.
पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों के हित में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पारित आदेश का स्वागत करते हुए एक मांग एक मंच अभियान के प्रदेश संयोजक द्वारा 14 फरवरी को दोपहर 12 बजे स्थान – छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ कार्यालय घड़ी चौक के पास पुराने मंत्रालय के सामने रायपुर में बैठक रखी गई है जिसमें सभी संगठनों के पदाधिकारियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की गई है।