बाबू पंढरी राव कृदत्त शासकीय महाविद्यालय सिलौटी के विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान के विकास के उद्देश्य से शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने बस्तर एवं ओडिशा के विभिन्न प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का अवलोकन किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के विषय ज्ञान को प्रत्यक्ष दर्शन से और अधिक सशक्त बनाना था। सर्वप्रथम छात्र-छात्राओं ने ओडिशा राज्य के कोरापुट जिले में स्थित गुप्तेश्वर धाम जो शबरी नदी के तट पर स्थित है का भ्रमण किया। इस दर्शनीय स्थल पर उन्हें गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, स्वर्गद्वार गुफा, पाराबेडा गुफा तथा शबरी नदी के द्वारा निर्मित विभिन्न स्थलाकृतियों का अवलोकन कराया गया, जिससे उनके भूगर्भशास्त्र, भूगोल एवं वनस्पतिशास्त्र विषय का ज्ञान और अधिक सशक्त हुआ। जगदलपुर के ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल के अंतर्गत राजमहल एवं दलपत सागर का भी छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया। तत्पश्चात छात्र-छात्राओं ने दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर तथा डंकिनी और शंखिनी नदी के संगम स्थल का भी अवलोकन किया। छात्र-छात्राओं को इस नदी के संगम स्थल की भौगोलिक विशेषताएं प्राध्यापकों द्वारा समझाया गया। नैसर्गिक दृश्यावली के अंतर्गत उन्होंने तीरथगढ़ और कुटुमसर जलप्रपात का भी भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का अवलोकन किया। इसका उद्देश्य कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहार से जोड़ना, अवलोकन क्षमता विकसित करना तथा भौतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक समझ को सुदृढ़ करना रहा। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. भावना कमाने ने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक होते हैं। प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में यह भ्रमण सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।