धमतरी। जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों के कारण किसान मानसिक और आर्थिक रूप से टूट रहे हैं। अपनी समस्याओं को लेकर किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अपनी पीड़ा बताई। स्थिति इतनी गंभीर है कि एक किसान को घर की शादी तक रोकनी पड़ी, वहीं दूसरे किसान का आधा धान खराब बताकर लौटा दिया गया। ग्राम सिवनीखुर्द के किसान जागेश्वर कुम्हार अपनी व्यथा सुनाते हुए नंगे पैर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
उन्होंने बताया कि उनके पास 1.45 एकड़ खेत है और धान बेचने के लिए पिछले दो हफ्तों से वे दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। धान की बिक्री न होने के कारण उनके पास पैसे नहीं हैं, जिसके चलते 12 फरवरी को होने वाली उनके भाई की शादी रद्द करनी पड़ी है। केसीसी लोन चुकाने के लिए भी उनके पास राशि नहीं है। हताश होकर किसान ने चेतावनी दी है कि यदि उनका धान नहीं खरीदा गया, तो वे आत्म दाह करने को मजबूर होंगे।
ग्राम छुही के किसान जगेश्वर राम ध्रुव ने बताया कि वह अपने पांच एकड़ खेत की उपज बेचने के लिए परेशान हैं। टोकन कटने के बावजूद सोसाइटी ने उनके आधे से ज्यादा धान को ‘मिट्टी और खराब गुणवत्ता’ का हवाला देकर वापस कर दिया। वे अब तक 53 क्विंटल धान बेच पाए हैं, जबकि 58 क्विंटल धान अब भी बेचने के लिए बचा हुआ है। खेती के लिए लिए गए कर्ज को लेकर वे चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से दोबारा टोकन काटने और शेष धान की खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है।