बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर से जुड़े आत्मदाह प्रयास के मामले ने एक दर्दनाक अंत ले लिया। बीए एलएलबी के छात्र आयुष यादव (21) ने प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 15 जनवरी को आत्मदाह का प्रयास करने वाले आयुष 80 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। छात्र की मौत से विश्वविद्यालय परिसर में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध बीए एलएलबी छात्र आयुष यादव की रविवार देर रात करीब एक बजे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। 21 वर्षीय आयुष 80 प्रतिशत से अधिक जल चुके थे और बीते पांच दिनों से गंभीर हालत में इलाजरत थे। संक्रमण और अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने के कारण उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।
पूरा मामला 15 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे का है, जब कोनी थाना क्षेत्र के रामायण कॉलोनी स्थित पटेल हास्टल में रहने वाले आयुष यादव ने अपने कमरे में आत्मदाह का प्रयास किया था। उसने अपने मोबाइल फोन पर वीडियो बनाते हुए खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद आयुष को पहले सिम्स, फिर अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में कोई खास सुधार न होने पर परिजन उसे वाराणसी ले गए। वहां से बाद में प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 18 जनवरी की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।