प्रशासन के सह पर भू-माफियां कर रहे हैं नगर के विवादित बेशकीमती जमीनों पर कब्जा

बिना एनओसी भवन निर्माण करने वाले भू-माफियों के सामने भी हो रहे हैं नगर पंचायत नतमस्तक

शिवरीनारायण — श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ का मुख्य केंद्र बिंदु मंदिरों की नगरी शिवरीनारायण में इन दिनों कानून व्यवस्था नाम का कोई चीज नही है। नगर में हर तरफ अराजकता फैलते जा रही है प्रशासनिक-अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यों और दायित्वों का सही ढ़ंग से निर्वहन नहीं करने का कारण आम आदमी कानून को अपने हाथ में लेने मजबूर हो रहे हैं। कुछ दिन पूर्व एक ऐसे ही वाक्या श्रद्धा, आस्था और विश्वास की धर्म धरा शिवरीनारायण में देखने को मिली। जिसमें नगर का एक युवक हेमंत शर्मा अपनी पैतृक जमीन के अवैध विभाजन एवं उस पर हो रहे अवैज कब्जा की शिकायत नगर व जिले के उच्चाधिकारियों से लगातार कर रहे हैं। लेकिन उनकी शिकायतों पर अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। वही दूसरी ओर उनकी जमीन पर अवैध निर्मांण लगातार जारी है । हेमंत शर्मा ने मामले के संबंध में बताया कि उनकी पैतृक भूमि के अवैध विभाजन पर हुई छल पूर्वक रजिस्ट्री की जमीन पर रवि प्रकाश गुप्ता द्वारा नगर पंचायत शिवरीनारायण से बिना एन ओ सी लिए और राजस्व विभाग से भूमि की बीना डायवर्सन कराए वार्ड क्रमांक 12 में कृषि भूमि पर अवैधानिक रूप से टीन छप्पर युक्त दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। जिस पर रोक लगाने भूमि स्वामी हेमंत कुमार शर्मा ने शिवरीनारायण थाना और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शिवरीनारायण को कई बार आवेदन दिया है। जिस पर कार्यवाही करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने माह भर पूर्व घटना स्थल पर पहुंच कर निर्माण पर रोक लगाते हुए निर्माण कार्य बंद करने बाबत नोटिस रवि प्रकाश गुप्ता को जारी किए थे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी के आदेश को दरकिनार करते हुए रवि प्रकाश गुप्ता द्वारा अबाधित रूप से लगातार निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। नगर पंचायत उनके इस कृत्य पर कार्यवाही करने के बजाय उसने भी चुप्पी साध ली। फल स्वरुप रवि प्रकाश गुप्ता को जमीन की इतनी भूख बढ़ गई कि सीमा परिधि से आगे जाते हुए उसने पीछे कालोनी का रास्ता ब्लॉक करने चुना पावडर से नया सीमा रेखांकित कर दिया था।जबकि पूर्व से ही भू स्वामी ने विवाद से बचने अपनी दो फीट भूमि छोड़ रखी थी। इसके बावजूद भी उन्होंने नया सीमा बना दी और भूमि पर कब्जा दिखाने तथा नागरिकों पर अपना रौब जमाने रवि प्रकाश गुप्ता द्वारा इन कार्यों को अंजाम दिया जा रहा था। उनकी इन करतूतों को देखते ही पीछे कालोनी वालों का सब्र टूट गया और आक्रोशित भीड़ ने इस अवैध अतिक्रमित निर्माण के बाउंड्री वाल तथा टीन टप्पर के खाली दुकानों के कुछ भागों पर तोड़फोड़ कर दी। हेमंत का कहना है कि रवि प्रकाश गुप्ता द्वारा किए जा रहे अविधिक वा आपराधिक कार्यों की शिकायत वे लगातार महीनों से जिला प्रशासन वा पुलिस विभाग को किया जा रहा है। परन्तु ठोस कार्यवाही नहीं होने से उनके हौसले बुलंद है और वो लगातार कानून कायदे को दरकिनार करते हुए भूमि हड़पने की नियत से कार्यों को अंजाम दे रहा है। उनका यह भी कहना है कि इसी नियत से उसने नगर की एक महिला शांति बाई केवट को इस पर कब्जा करने के लिए लगा रखे थे। उसके विरोध करने वाले पार्षद विनोद शर्मा एवं पूर्व मनोनीत पार्षद ईश्वरी केशरवानी तथा अनूप केशरवानी पर योगेंद्र बघेल को माध्यम बनाकर एस टी एस सी प्रकरण में फसाने का षड्यंत्र भी रवि प्रकाश गुप्ता द्वारा रचा गया था जो झूठा साबित होने पर यह प्रकरण वही खत्म हो गया।
हेमंत शर्मा ने यह भी कहा कि रवि प्रकाश गुप्ता खुद को राजस्व मंत्री का खास बताकर षड्यंत्र पूर्वक संगठित भू माफियों के सहयोग से विवादित भूमियों पर दख़लंदाजी कर भूमि हड़पने के कार्य को अंजाम देता है। इनके परिवार के विरुद्ध जिला न्यायालय में अनेक प्रकरण लंबित है। अवैध विभाजन पर हुई जमीन रजिस्ट्री में रवि प्रकाश गुप्ता के अलावा उसकी मां संगीता गुप्ता व बहन प्राची,भाई विशु गुप्ता,सास नंदनी पाण्डेय तथा विश्वास से अर्जित आम मुख्तयारी से रजिस्ट्री में रामकुमारी सोनी तथा सियाराम पिता गणेश शामिल भी हैं व बेनामी संपत्ति के आदान प्रदान का गंभीर मामले भी शामिल है ।
रवि प्रकाश गुप्ता ने इन अवैध निर्माणाधीन दुकानों को किराए से देना हैं, का फ्लैक्सी बैनर पर विज्ञापन लगाए थे वहीं उन्होंने यहां दस लाख का सामान होने का दावा करता है? जो खुद सच बयान कर देता है । छत्तीसगढ़ सुशासन की प्रचार-प्रसार करने से नहीं अपितु शासन-प्रशासन यदि जमीन पर उतरकर काम करेगी तो निश्चित ही छत्तीसगढ़ सुशासन का उद्देश्य सफल होगा और इन अवैध कार्यों पर अंकुश लगेगा। नागरिकों ने अपेक्षा है कि जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर , जिला प्रभारी मंत्री ओ पी चौधरी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इन गंभीर प्रकरण दृष्टिगत रखते हुए यदि उच्च स्तरीय जांच की आदेश जारी करेंगे। तो निश्चित ही लोगों के बीच में इस मामले की सत्यता उजागर हो पाएगी और इन अवैध कार्यों का अंजाम देने वाले वह सहयोग करने वाले बेनकाब होंगे।
भूमि स्वामी हेमंत कुमार शर्मा का यह भी कहना है कि रवि प्रकाश गुप्ता पूर्व की भांति हम पर दबाव बनाने के अलावा नगर के व्यवसायी खगेंद्र केशरवानी, ईश्वरी केशरवानी, अनूप केशरवानी व अन्य पच्चीस लोंगो पर पुलिस थाने में झूठा रिपोर्ट लिखाया है। जिसमें रवि प्रकाश गुप्ता ने चालीस लाख रुपए का निर्माण में क्षति, दस लाख रुपए की कपड़े तथा
सीमेंट-छड़ चोरी का आरोप सहित अपने कर्मचारी पर मारपीट का आरोप लगाया है जो पूर्णत: झूठा है।फिलहाल एफ आई आर दर्ज कर पुलिस प्रकरण की जांच में लगी है।

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