गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में पड़ोसी राज्यों से आ रहे अवैध धान पर रोकने जिला प्रशासन पीकअप, ट्रैक्टर और ट्रकों की जब्ती की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन बिचौलिए बाज नहीं आ रहे हैं. अब वे सायकल, ऑटो और मोटरसाइकल से धान के अवैध परिवहन को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक खोकसरा ,सागौनभाड़ी, झिरिपानी, अमाड़, धूमाभटा, पीठापारा, फ़लसापारा, तुआसमाल और कसीपानी इलाके में अब बिचौलिए अवैध धान की आपूर्ति के लिए बाइक और सायकल का इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ इलाकों में ऑटो का भी इस्तेमाल हो रहा है. बताया जा रहा है कि बाइक को पेट्रोल खर्च के अतिरिक्त रोजाना 500 रुपए, तो सायकल और ऑटो के लिए प्रति बोरा 50 रूपये निर्धारित किया गया है.
बदले गए इस पैटर्न में बिचौलिए सीमा से लगे अपने रिश्तेदारों के घर खलिहान के डंपिंग प्वाइंट बनाया हुआ है. सीमा से सबसे नजदीक स्थलों का चयन कर आधी रात से परिवहन का खेल शुरू होता है. जांच नाका और बड़े रास्तों के बजाए अब सिंगल पै डगरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. दीवान मुड़ा इलाके में तो इसके लिए खेतों के मेड की कटाई कर स्पेशल रास्ता तक बना लिया गया है. चोरी छिपे चल रहे इस खेल की भनक प्रशासन को नहीं लग पा रही है. कुछ जगह पकड़ में आ भी रहें हैं तो मात्रा कम और गरीबी का हवाला देकर मजदूर छुड़ाने में सफल हो रहे हैं. लेकिन छोटी मात्रा में बड़े खेल के पीछे आज भी वही बिचौलिए हैं, जिनकी गाड़िया पकड़ी गई है. दहीगांव का शातिर बिचौलिया इस खेल में प्रशासन के आंख में बखूबी धूल झोंक रहा है. बाइकर गैंग का चलन इसी ने शुरू किया, जो झिरिपानी के रास्ते निष्टीगुडा और दहीगांव तक पहुंच रहा है.