भारत में भी बूस्टर डोज की मिले मंजूरी, ओमिक्रॉन को देखते हुए साइंटिस्ट्स के पैनल ने की सिफारिश

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट पुरे विश्व में फैलने लगा है। इसी के चलते कई देशों में प्रतिबंधों का दौर देखने के लिए मिल रहा है। इस सूची में भारत भी सम्मिलित है जहाँ इसके दो मामले सामने आए हैं तथा इससे हंगामा मचा हुआ है। यह दोनों मामले कर्नाटक में पाए गए हैं, हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से ना घबराने की अपील करते हुए सुरक्षा का पूरा ख्याल रखने की सलाह दी है। इन सभी के बीच अब यह सामने आया है कि ओमिक्रॉन के पहले मरीज में क्या लक्षण दिखाई दिए हैं? जी हाँ, हाल ही में इस बात का खुलासा हुआ है।
वही अमेरिका, ब्रिटेन सहित विश्व के तमाम देशों में ओमिक्रॉन के संकट को देखते हुए बूस्टर डोज लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अब भारत में भी कोरोना के नए वेरिएंट के संकट को देखते हुए 40 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन के बूस्टर डोज की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश टॉप इंडियन जीनोम साइंटिस्ट की तरफ से हुई है।
ओमिक्रॉन के पहले मरीज 46 वर्षीय डॉक्टर ने बहुत ज्यादा थकान, कमजोरी तथा बुखार जैसे लक्षण दिखने के पश्चात् अपना टेस्ट कराया जो कि पॉजिटिव आया। उनकी साइकिल थ्रेशहोल्ड वैल्यू कम थी जिसके पश्चात् उनका सैंपल लैब भेजा गया। आपको बता दें कि इनके संपर्क में आए 5 व्यक्तियों का भी टेस्ट पॉजिटिव आया है। वहीं दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों का भी कहना है कि इस वैरिएंट के लक्षण बेहद गंभीर नहीं हैं, हालांकि, हल्के लक्षण होने के कारण ज्यादातर लोगों को इसका पता नहीं चल पाता है और संक्रमण के सरलता से फैलने की संभावना रहती है। इस कारण यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दिए तो अपना टेस्ट अवश्य करएं।

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