चेन्नई: स्कूलों और उद्योगों के बीच के अंतर को कम करने के लिए, तमिलनाडु सरकार राज्य भर के सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) शुरू करने पर विचार कर रही है। इसका मकसद छात्रों को स्कूल की पढ़ाई के साथ ही उद्योग के लिए तैयार कौशल (इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स) प्रदान करना है।
यह पहल स्कूल शिक्षा विभाग और रोजगार और प्रशिक्षण विभाग मिलकर कर रहे हैं ताकि छात्रों में शुरुआती दौर में ही रोजगार पाने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सके। यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और ‘स्कूल-आईटीआई’ नाम की एक नई अवधारणा पर आधारित है। इस मॉडल के तहत, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाएं स्कूल कैंपस से ही चलेंगी, जिससे छात्र अपनी रेगुलर पढ़ाई के साथ-साथ टेक्निकल स्किल्स भी हासिल कर सकेंगे।
दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने 4 दिसंबर को इस प्रस्ताव की संरचना, पात्रता मापदंड और लागू करने की संभावना पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। शुरुआती रोडमैप के हिस्से के तौर पर, रोजगार और प्रशिक्षण विभाग ने स्कूल-आईटीआई स्थापित करने के लिए 10 सरकारी स्कूलों को पायलट संस्थानों के तौर पर चुनने का सुझाव दिया है।