मुजफ्फरपुर: बिहार में मुजफ्फरपुर के पारू इलाके के मोहजमा गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां कुत्ते के हमले में घायल हुई चार साल की बच्ची की अस्पताल में मौत हो गई. ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पिछले कई दिन से आवारा कुत्तों व पालतू खतरनाक नस्लों के कुत्तों का आतंक बढ़ गया है. शिकायत कई बार की जा चुकी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई.
जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार शाम की है. मोहजमा के कमलेश सहनी की बेटी शिवानी अपने दो भाइयों और बहनों के साथ जा रही थी. इसी दौरान अचानक एक पालतू बुलडॉग तेजी से दौड़ता हुआ आया और बच्ची पर झपट पड़ा. कुत्ते ने बच्ची को सिर से पकड़ लिया और इतने बेरहमी से हमला किया कि उसके सिर की चमड़ी तक उधड़ गई और बाल नोच लिए.
बच्ची मौके पर बेसुध होकर गिर पड़ी. चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़े, किसी तरह कुत्ते को हटाया गया और बच्ची को गंभीर हालत में पारू सीएचसी ले जाया गया. वहां से डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए तुरंत मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच रेफर कर दिया. लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया.
मृतका शिवानी दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटी थी. उसकी मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बच्ची के पिता कमलेश सहनी ने कहा कि मेरी सबसे छोटी बेटी शिवानी घर के सामने ही खेल रही थी, तभी अचानक कुत्ता दौड़ता हुआ आया और उसके सिर पर बेरहमी से हमला कर दिया. जिस तरह से उसे नोचा गया, वह देखना भी मुश्किल था. हम लोग इलाज के लिए दौड़ते रहे, लेकिन मेरी बेटी बच नहीं सकी. इस तरह के कुत्तों से गांव के सभी बच्चे खतरे में हैं.
घटना के बाद मोहजमा गांव में आक्रोश है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में लगातार डॉग अटैक की घटनाएं हो रही थीं, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. पारू थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि कुत्ते के काटने से बच्ची की मौत की जानकारी मिली है. अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. लिखित आवेदन मिलते ही पुलिस एफआईआर दर्ज कर विधि-सम्मत कार्रवाई करेगी.