झांसी: मुंबई की एक कंपनी में लेबर इंचार्ज फूलचंद्र निषाद अपने घर यूपी के बस्ती के लिए खुशी-खुशी निकले थे. लेकिन ये सफर उनका आखिरी सफर साबित हुआ. यात्रा के दौरान अचानक उन्हें 4-5 झटके या हिचकी आई और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उनकी मौत हो गई. साथी यात्रियों की शिकायत पर झांसी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने शव को उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतक फूलचंद्र निषाद के साथी बलराम ने बताया कि वह मुंबई की स्मार्ट सिटी कंपनी में काम करते थे और काफी खुश रहते थे.
खेती का समय होने के कारण वह अपने दो अन्य साथियों- बलराम और तिलकराम के साथ कुशीनगर एक्सप्रेस से बस्ती जा रहे थे. ट्रेन जैसे ही झांसी स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर पहले थी, फूलचंद्र को अचानक झटके यानी हिचकी आई. यह देख साथियों को कुछ गड़बड़ लगा.
आनन-फानन में साथियों ने उन्हें सीट खाली कराकर लिटा दिया और उनके परिजनों को फोन पर जानकारी दी. बलराम के अनुसार, इसके पहले कि कोई उन्हें होश में ला पाता, उनकी मौत हो गई. कोच के यात्रियों ने तुरंत झांसी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे डॉक्टर प्लेटफार्म पर पहुंचे, जहां परीक्षण के दौरान डॉक्टर ने फूलचंद्र को मृत घोषित कर दिया. जीआरपी थाना प्रभारी रावेन्द्र मिश्रा ने इस घटना की पुष्टि की.
उन्होंने बताया कि यात्रियों की शिकायत पर शव को कोच से उतारा गया. शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा गया और पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेज दिया गया है. थाना प्रभारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा कि उन्हें हिचकी आई थी या यह किसी और गंभीर बीमारी का झटका था.