गुजरात हाई कोर्ट का बड़ा फैसला- अगर अदालत के अंदर मोबाइल की घंटी बजी तो…

गुजरात: गुजरात उच्च न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग के मोबाइल की घंटी बजी तो मुख्य न्यायाधीश ने नाराज़गी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को अदालत के डेकोरम का पालन करना होगा. इसके बाद अब गुजरात उच्च न्यायालय ने मोबाइल फोन की घंटी बजने पर उसके लिए जुर्माने का ऐलान कर दिया है.
ये जुर्माना इस प्रकार है कि पहली दफा मोबाइल बजा तो 100 रुपये का जुर्माना चुकाना होगा. दूसरी बार 500 रुपये का जुर्माना और तीसरी बार 1000 रुपये का जुर्माना भरना होगा. इतना ही नहीं, बल्कि तीनों ही गलतियों पर शाम 5 बजे (जब तक अदालत बंद नहीं होती)  तक मोबाइल फोन को अदालत में जमा करवाना होगा. गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एजे शास्त्री की अदालत में ये घटना हुई थी.
दरअसल, एक मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम के भीतर हाजिर हुए एक बुजुर्ग याचिकाकर्ता के फोन की घंटी बजने लगी. जिसके बाद अदालत में वकील की तरफ से दलील दी गई कि वृद्ध कोर्ट केस के कारण मानसिक तौर पर बहुत परेशान हैं. यही वजह है कि अदालत में आने से पहले वो अपने मोबाइल फोन साइलेन्ट पर करना भूल गए थे. वो अदालत में अपनी गुमशुदा बेटी के लिए हेबियस कोपर्स फाइल करने के लिए गए थे. हालांकि, जैसे ही मोबाइल की घंटी बजी तो वृद्ध अदालत से बाहर चले गए थे.

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