एनएचएम के हड़ताली कर्मचारियों की बर्खास्तगी अनुचित

रायपुर। राज्य के राजधानी तथा जिलों में आंदोलनरत एन एच एम के प्रमुख कर्मचारी नेताओं की बर्खास्तगी को प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संघ के प्रमुख पूर्व कर्मचारी नेताओं ने घोर निंदा की है और उन्हें तुरंत बहाल कर सेवा में वापस लेने की मांग की है। जारी विज्ञप्ति में सरकार द्वारा की गई बर्खास्तगी को दमनकारी बताते हुए पूर्व प्रमुख कर्मचारी नेताओं में क्रमश: राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, संयुक्त कर्मचारी संघ इंद्रावती भवन के पूर्व अध्यक्ष जे पी मिश्रा, डिप्लोमा अभियंता संघ के अनिल गोलहानी, कर्मचारी कांग्रेस के सी एल चंद्रवंशी, कुष्ठ सेवाएं कर्मचारी संघ के एस के चिलमवार, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के आलोक पाण्डे, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के एस के साहू, चतुर्थ वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के घनश्याम शर्मा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी महासंघ (बी एम एस) के बी एस दसमेर, महिला एवं बाल विकास सुपरवाइजर संघ के द्रौपदी यादव आदि ने एन एच एम कर्मियों की जायज मांगो का समर्थन कर सरकार से शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है।

जारी विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिलों में संविदा में सेवारत कर्मचारी अधिकारी कई दिनों से नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सभी जिलों में शांतिपूर्ण हड़ताल पर है। इस हड़ताल जबरदस्त असर से निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवा बदहाल स्थिति में है। सरकार उनकी 5 मांगो की पूर्ति की दावा कर रही है और पूरी की गई मांगो से आंदोलनकारी संतुष्ट नहीं है वे सभी मांगो की पूर्ति हेतु लिखित आश्वासन चाह रहे हैं, सरकार एक ओर उनकी मांगो पर निर्णय लेने से कतरा रही है और दूसरी ओर एन एच एम कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हिम्मत के साथ आंदोलन को जारी रखे हुए है। सभी पूर्व कर्मचारी नेताओं ने सरकार से दमनकारी नीतियों को त्याग कर एन एच एम के हड़ताली कर्मचारियों से चर्चा कर समाधान निकालने की दिशा में कार्य करने की मांग की है।

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