महाकुंभ में स्नान के लिए 12 किलोमीटर लंबा घाट तैयार

13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ में स्नान के लिए 12 किलोमीटर क्षेत्र में घाटों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयागराज दौरे से पहले सभी घाटों पर लाइटिंग की व्यवस्था कर दी गई है और सीढ़ियां तैयार की जा रही हैं और कपड़े बदलने के लिए कमरे बनाए गए हैं। यूपी मेला अधिकारी अभिनव पाठक ने बताया कि 12 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और घाटों का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र के प्रमुख घाटों को नए सिरे से विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान गंगा और यमुना के किनारे सात पक्के घाट बनाए गए हैं। इनमें दारागंज में गंगा नदी के किनारे बने 110 मीटर लंबे और 95 मीटर चौड़े दशाश्वमेध घाट पर ‘सीटिंग प्लाजा’ (बैठने की व्यवस्था), ‘चेंजिंग केबिन’ (कपड़े बदलने के लिए कमरा), पार्किंग, यज्ञशाला, आरती स्थल और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।

पाठक ने बताया कि इसी तरह यमुना नदी के किनारे किला घाट को स्नानार्थियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, यमुना नदी पर सरस्वती घाट स्नान और अन्य गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के तट पर काली घाट, छतनाग घाट और यमुना नदी के तट पर मोरी घाट और महेवा घाट का निर्माण किया गया है। प्रत्येक घाट पर अलग-अलग प्रतीक (डमरू, त्रिशूल आदि) लगाए जा रहे हैं, ताकि लोग आसानी से घाटों की पहचान कर सकें। उन्होंने कहा कि संगम की निगरानी के लिए ‘वॉच टावर’ लगाए जा रहे हैं। सभी घाटों पर पानी में बैरियर की व्यवस्था की जा रही है।

पाठक ने कहा कि सभी नावों की जांच की जा रही है और उनकी क्षमता और लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। महाकुंभ शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है, राज्य पुलिस ने मेला क्षेत्र में, खासकर संगम के आसपास गहन जांच अभियान शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सरकार का अनुमान है कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक धार्मिक समागम के दौरान विदेशियों समेत करीब 40 से 45 करोड़ पर्यटक आएंगे। यहां जारी बयान में कहा गया है, महाकुंभ 2025 के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण (आईपीएस) के नेतृत्व में मुख्य स्नान पर्व से पहले सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

अभियान में संगम घाट, पंटून पुल और प्रमुख चौराहों जैसे प्रमुख स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सतर्कता बढ़ाने और सुरक्षा के प्रति कोई ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। बयान के मुताबिक किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के नेतृत्व में टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की सघन चेकिंग की। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंटून पुलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। आगामी पर्व की तैयारी में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। सभी थानों को सतर्क रहने और शांतिपूर्ण महाकुंभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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