तीन दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ समापन
जशपुरनगर। मनोरा विकासखंड में चिराग परियोजना के अन्तर्गत ग्रामीण आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने और वर्षभर पोषित आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिराग परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग द्वारा वर्ल्ड बैंक और आई.एफ.ए.डी. के सहयोग से संचालित की जा रही है। परियोजना के तहत् चयनित ग्रामों में पोषण आधारित गतिविधियों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए पोषण सखी के रूप में महिलाओं का चयन किया गया है। जो अपने ग्रामों में इस महत्वपूर्ण कार्य को बेहतर परिणाम देंगी।
इसी क्रम में 12 से 14 दिसंबर तक चयनित महिलाओं पोषण सखी के रूप में कार्य करने के लिये तकनिकी सहयोगी संस्था पीसीआई के सहयोग से मनोरा जनपद सभा कक्ष भवन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान चयनित महिलाओं को चिराग परियोजना का परिचय, कुपोषण, संतुलित आहार, कृषि एवं पोषण में संबंध के द्वारा दैनिक भोजन में आहार विविधता के लिये सामाजिक व्यवहार परिवर्तन हेतु संचार किये जाने के लिए पीसीआई मास्टर ट्रेनर संजय द्विवेदी, और प्रभारी वरिष्ठ कृषि अधिकारी गोविन्द राम चौहान मनोरा, सुपरवाईजर, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा प्रशिक्षित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य चयनित महिलाओं को पोषण सखी के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें चिराग परियोजना के तहत् कुपोषण से निपटने, संतुलित आहार और कृषि-पोषण के संबंध के बारे में जानकारी प्रदान करना है। ताकि वे अपने ग्रामों में सामाजिक व्यवहार परिवर्तन के लिए संचार के माध्यम से आहार विविधता के महत्व को प्रसारित कर सकें। परियोजना के तहत, किसानों को समन्वित कृषि प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही, पोषण आधारित गतिविधियों के लिए ग्रामों से महिलाओं का चयन किया जाता है और उन्हें पोषण सखी के रूप में काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर प्रभारी वरिष्ठ कृषि अधिकारी गोविंद राम चौहान मनोरा, एसएस केरकेट्टा, वाईके बघेल ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सुपरवाईजर, महिला एवं बाल विकास विभाग और 40 पोषण सखी उपस्थित रहकर प्रशिक्षण प्राप्त किए।