शक्ति के रौताही मेले एवं रावत नाच महोत्सव को राजकीय स्वरूप प्रदान करने की करी मांग
शक्ति शहर में दशकों से चला आ रहा है रावत नाच महोत्सव का आयोजन
सक्ति– शक्ति अंचल की यदुवंशी युवा यादव समिति द्वारा 12 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रैना जमील को एक ज्ञापन सौंपा गया है,ज्ञापन में यदुवंशी युवा यादव समिति शक्ति के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में यदुवंशी कृष्ण के वंशज लगभग 40 लाख की संख्या से भी ऊपर हैं, तथा भारतीय परंपरा में धर्म,संस्कृति एवं सभ्यता का विशेष महत्व है, सभी जातियों को बराबर का सम्मान दिया जाता है तथा यदुवंशियों में गोपालन एवं गौ सेवा की परंपरा पाई जाती है, तथा यदुवंशी समाज के बंधु गोवर्धन पूजा के बाद गांव- गांव शहर-शहर में मडई एवं रावत नाच महोत्सव के रूप में सामुदायिक प्रदर्शन भी धार्मिक दृष्टिकोण से करते हैं,तथा अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से शक्ति शहर में रावत नाच महोत्सव एवं रोताही मेले का आयोजन यहां की एक संस्कृति एवं परंपरा का हिस्सा बन चुका है ,किंतु वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए रावत नाच महोत्सव एवं रोताही मेले को राजकीय संरक्षण की आवश्यकता महसूस हो रही है, एवं यदुवंशी युवा यादव समिति शक्ति आपसे मांग करती है कि यदुवंशी समाज बंधुओं की भावनाओं को देखते हुए शक्ति शहर के रावत नाच महोत्सव एवं रोताही मिले को राजकीय स्वरूप प्रदान करने हेतु आवश्यक पहल करने की कृपा करें, 12 नवंबर को एसडीएम शक्ति को मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन में प्रमुख रूप से यदुवंशी युवा यादव समिति के वरिष्ठ एन पी गोपाल, परस यादव, संतराम यादव, अधिवक्ता भुनेश्वर यादव, राजेंद्र यादव,ढाकेश्वर यादव, दीपक यादव, दर्शन यादव, संतोष यादव, सहित काफी संख्या में समाज बंधु उपस्थित थे,उल्लेखित हो कि विगत कई वर्षों से शक्ति शहर में नगर पालिका प्रशासन द्वारा मनाए जाने वाले रोताही मेले एवं रावत नाच महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा दिए जाने की मांग की जा रही है, तथा विगत वर्षों में भी छत्तीसगढ़ शासन के बड़े नेताओं के शक्ति आगमन के दौरान इसकी मांग प्रमुखता से की गई थी, किंतु आज पर्यंत तक शासन द्वारा शक्ति के इस ऐतिहासिक परंपरागत रावत नाच महोत्सव एवं रोताही मिले को राज्य स्तर पर दर्जा देने कोई पहल नहीं की गई तथा विगत वर्षों में समाज के संगठनों द्वारा राज्य शासन से प्रतिवर्ष इस आयोजन हेतु एक अनुदान राशि भी निर्धारित करने की मांग की गई थी, तथा शक्ति नगर पालिका में देखा जाता है कि रोताही मेले एवम रावत नाच महोत्सव के आयोजन में लाखों रुपए के व्यय होने के चलते नगरपालिका भी वर्तमान परिस्थितियों के चलते इसके आयोजन को भव्य बनाने से पीछे हट जाती है, तथा जिसके चलते इस आयोजन को मिलने वाला भव्य रूप नहीं मिल पाता, तथा विगत वर्षों से शहर में रौताही मेले एवं रावत नाच महोत्सव का आयोजन कोविड-19 कॉल के चलते नहीं हो पा रहा है, तथा इस वर्ष संभावना है कि कोविड-19 की सामान्य परिस्थितियों को देखते हुए यह आयोजन पुनः हो