पुलिस मुखबिर होने का संदेह, दो ग्रामीणों का कत्ल, शवों के पास नोट छोड़ा

हैदराबाद: तेलंगाना के मुलुगु जिले में माओवादियों ने पुलिस मुखबिर होने के संदेह में दो लोगों की हत्या कर दी। घटना गुरुवार देर रात की है। प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े माओवादियों ने वाजेदु मंडल मुख्यालय के पेनुगोलू कॉलोनी में यह कार्रवाई की। पीड़ितों की पहचान उइका रमेश और स्थानीय निवासी उइका अर्जुन के रूप में हुई है।

रमेश उसी मंडल में पेरुरू ग्राम पंचायत के सचिव थे। माओवादियों के एक समूह ने धारदार हथियारों से दोनों पर हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों ने शवों के पास एक नोट छोड़ा, जिसमें लिखा था कि दोनों मृतक सूचना एकत्र कर उसे विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) को दे रहे थे, जो माओवादी विरोधी अभियानों में शामिल राज्य पुलिस की एक विशिष्ट एजेंसी है।

नोट पर भाकपा (माओवादी) के वाजेदु-वेंकटपुरम क्षेत्र सचिव शांता के हस्ताक्षर थे। शांता ने एक बयान भी जारी किया, जिसमें हत्याओं की जिम्मेदारी ली गई। यह हमला माओवादियों द्वारा तेलंगाना में अपनी गतिविधियों को फिर से शुरू करने के प्रयासों के बीच हुई, जो कभी उनका गढ़ था।

पुलिस का कहना है कि पिछले 10-15 वर्षों के निरंतर प्रयासों के कारण तेलंगाना में वामपंथी उग्रवाद लगभग समाप्त हो गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों की सीमा से लगे इलाकों में अभी भी माओवादी मौजूद हैं।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *