Sharad Purnima पर मंदिरों में होंगे आयोजन, 12 बजे उतारी जाएगी भगवान की आरती, चांदनी रात में ताज को निहारने लगेगी पर्यटकों की भीड़

लखनऊ. शरद पूर्णिमा को लेकर मंदिरों और अन्य पूजन स्थलों पर भव्य तैयारियां की जा रही है. ऐसा माना जाता है कि आज के दिन घर पर बने भोजन खासतौर पर खीर को अगर चांदनी रोशनी में रखकर उसका भोग लगाएं तो उसमें अमृत का वास हो जाता है. हालांकि शरद पूर्णिमा को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ज्योतिषियों के मुताबिक शरद पूर्णिमा की गणना आज यानी 16 अक्टूबर को रात 8.40 बजे प्रारंभ हो जाएगी और कल 17 अक्टूबर शाम 4 बजकर 55 मिनट तक रहेगी. शास्त्रों के मुताबिक शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की रोशनी से अमृत टपकता है.

बता दें कि साल भर में आने वाली कुल 24 पूर्णिमाओं में शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2024) सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है. इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से मनचाहा फल प्राप्त होता है. मथुरा स्थित प्रेमनिधि मंदिर, मथुराधीश मंदिर और वजीरपुरा मंदिर में शरद पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन होंगे. कई मंदिरों में रात 12 बजे भगवान की आरती भी उतारी जाती है.

ताजमहल का दीदार करने के लिए आज की रात पर्यटकों की भारी भीड़ आगरा पहुंच चुकी है. शरद पूर्णिमा में ताज को निहारने के लिए पर्यटकों ने शाम के सभी स्लॉट बुक करवा लिए हैं. ताजमहल को रात में देखने के लिए आधा-आधा घंटे के आठ स्लॉट बनाए गए हैं. जिनमें हर स्लॉट में 50 पर्यटकों को जाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

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