मुंबई: कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे खास हथियार है. बिना वैक्सीनेशन के हम कोरोना संक्रमण से नहीं बच सकते है। इस वजह से केंद्र और राज्य सरकारें कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सख्ती बरत रही हैं। बीते दिनों ही दिल्ली में वैक्सीन ना लगवाने वाले सरकारी कर्मचारियों की आफिस में एंट्री पर रोक लगाई गई थी वहीं अब महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हुआ है. जी दरअसल महाराष्ट्र ठाणे नगर निगम (टीएमसी) ने नया फरमान जारी किया है। जिसमे यह कहा गया है कि जिन कर्मचारियों ने कोविड 19 से बचाव के लिए अभी तक वैक्सीन की पहली डोज नहीं ली है, उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा। जी हाँ और यह निर्णय बीते सोमवार को नगर आयुक्त डॉ विपिन शर्मा और ठाणे के मेयर नरेश म्हस्के सहित वरिष्ठ टीएमसी अधिकारियों की बैठक में लिया गया।
जी दरअसल बीते सोमवार देर रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि जिन कर्मचारियों ने पहली खुराक नहीं ली है, उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा। केवल यही नहीं बल्कि इसमें यह भी साफ लिखा है कि जिन नागरिक कर्मचारियों ने निर्धारित अवधि के भीतर अपनी दूसरी टीका खुराक नहीं ली है, उन्हें भी उनका वेतन नहीं मिलेगा। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को अपने संबंधित कार्यालयों में टीकाकरण प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया है।
बीते सोमवार को हुई बैठक के बाद मेयर नरेश म्हस्के ने मीडिया से कहा कि, ‘ये उपाय इस महीने के अंत तक शहर में शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास का हिस्सा हैं। शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मंगलवार से मुंबई से सटे शहर में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है।’ इसी के साथ उन्होंने लक्ष्य हासिल करने में नागरिकों का सहयोग मांगा और उनसे वैक्सीन शॉट लेने की अपील की, और जिन्होंने अभी तक वैक्सीन की पहली डोज भी नहीं लगवाई है।