सक्ति– सनातन धर्म के आधार स्वरूप गोपाल जी महाप्रभु एवं माँ चंद्रहासिनी मन्दिर सार्वजनिक न्यास सदैव सनातन का अनुशरण करते हुए प्रत्येक तीज त्यौहारों को नियमित रूप से जन भावनाओ के अनुरूप आयोजित कर आस्था एवं धर्म का पालन करता है। इस क्रम में आज गोपाल जी मन्दिर परिसर में अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजा की गई। जिसमें हजारो की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पूजा अर्चना कर भोग चढ़ाया एवं प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मन्दिर न्यास के पदाधिकारियों संग विशिष्ट रूप से उपस्थित जनों की उपस्थिति में मंदिर के पुजारी ने विशेष पूजा अर्चना कर भोग चढ़ाया,मन्दिर में भोग लगने पश्चात प्रसाद रूपी भोजन का वितरण सभी उपस्थित भक्त जनों में किया गया। सुबह 11 बजे से आरंभ हुई भोग प्रसाद वितरण (भोजन) का कार्यक्रम शाम लगभग 4 बजे तक अनवरत जारी रहा जिसमे हजारो की संख्या में महिला- पुरुष , स्थनीय, दर्शनार्थियों ने प्रसाद ग्रहण किया,अन्नकूट पर्व” के विषय मे ज्ञात हो कि द्वापर में भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का अभिमान दूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपना स्वरूप बताते हुए पूजा प्रतिष्ठा करवाई थी। जिससे क्रोधित होकर भगवान इंद्र ने सात दिन तक वर्षा करवाई। जिसकी वजह से द्वापर में त्रासदी आने लगी। लोगों को बचाने के लिए कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को एक अंगुली पर उठाकर द्वापरवासियों को बचाया। तभी से लेकर गोवर्धन पूजन एवं अन्नकूट आस्था का पर्व बन गया।