मुख्यमंत्री चौहान ने डॉ. एस.एन. सुब्बाराव को श्रद्धांजलि अर्पित की, डॉ. सुब्बाराव ने 654 डकैतों को आत्मसमर्पण के लिए किया था प्रेरित नर्मदा सेवा यात्रा में सम्मिलित हुए थे डॉ. सुब्बाराव राज्य सरकार डॉ. सुब्बाराव के विचारों और कार्यों को आगे बढ़ायेगी। महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा से भाई जी की अंतिम तिल्दा नेवरा 29अक्टूबर 2021 डॉ. एस.एन. सुब्बाराव का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा में किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल के माध्यम से गांधीवादी डॉ. एस.एन. सुब्बाराव के निधन पर श्रंद्धाजली अर्पित की। अंत्येष्टी में उपस्थित हुये राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने श्रंद्धाजली अर्पित की। इस अवसर पर उन्हें शोक धुन बजाकर हवाई फायर कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गायत्री परिवार के सदस्यों ने वैदिक मंत्रोचार के साथ डॉ. एस.एन. सुब्बाराव के बहनेऊ मैजर ईश्वर जोइस ने मुखाग्नि दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल के माध्यम से डॉ. एस.एन. सुब्बाराव के निधन पर श्रंद्धाजली देते हुये कहा कि श्रद्धेय भाईजी नहीं रहे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी। वे महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी थे। जीवनभर कमजोर बहनों और भाईयों की सेवा में वे अंतिम सांस तक लगे रहे। विशेषकर जनजातीय भाई-बहनों की सेवा में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। डकैतों के आंतक से गूंजते चंबल क्षेत्र में श्रद्धेय भाई जी सुब्बाराव जी ने 14 अप्रैल 1972 को 654 डकैतों को गांधी जी के चित्र के सामने हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया था। स्वर्गीय श्री जयप्रकाश नारायण जी तथा प्रभादेवी जी भी उस अवसर पर मौजूद थीं। आतंक के पर्याय डकैतों को हिंसा से अहिंसा के रास्ते पर लाकर हथियार डलवा देना अपने आप में डॉ. सुब्बाराव के प्रभाव और व्यक्तित्व की कहानी कहता है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि डॉ. सुब्बाराव समर्पित थे, निःस्वार्थ भाव से काम करते थे और जहां जाते थे, अपनी अलग छाप छोड़ते थे। नौजवानों में देशभक्ति का भाव भरने के लिए उन्होंने जीवनभर प्रयास किया। मुख्यमंत्री चौहान ने स्मरण किया कि जब हमने नर्मदा सेवा यात्रा निकाली तब इस यात्रा में भी श्रद्धेय भाई जी सम्मिलित हुए थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि उनका अंतिम संस्कार जौरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। ऐसे समाजसेवी, संत जीवनभर लोगों की सेवा करने वाले भाईजी के चरणों मैं श्रद्धा के सुमन अर्पित करता हूँ।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण मैं अंत्येष्टी में नहीं आ पाया हूं। उनके विचारों और उनके कार्यों को आगे बढ़ाने में मध्यप्रदेश सरकार सदैव प्रयत्न करती रहेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
केन्द्रीय किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने डॉ. एस.एन. सुब्बाराव के निधन पर श्रंद्धाजली देते हुये शोक व्यक्त किया है। अंत्येष्टी स्थल पर पूर्व मंत्री रूस्तम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. योगेशपाल गुप्ता, पूर्व राज्यमंत्री गिर्राज डंडोतिया, पूर्व सांसद अशोक अर्गल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर, एकता परिषद अन्तराष्ट्रीय संयोजक पी.व्ही राजगोपाल, कलेक्टर बी.कार्तिकेयन, पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार, बड़ी संख्या में गांधी आश्रम से जुड़े उनके अनुयाई, प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आयें राजनेतागण सहित सैकड़ों गांधीवादी चिंतक अंतिम यात्रा में शामिल हुये। अंत्येष्टी अवसर पर डॉ. सुब्बाराव जी के परिवार के लोग भी मौजूद थे।