रायपुर: छत्तीसगढ़ में महिलाएं बना रहीं गोबर से दीया

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा वर्मी कम्पोस्ट के अलावा दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए गोबर से दीया, ओम, स्वास्तिक, शुभ-लाभ, गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति तथा अन्य सजावटी समान बनाये जा रहे हैं।
विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के मॉडल गौठान डोंडे (हरनगढ़) में खरीदे जा रहे गोबर से महिला स्व-सहायता समहों द्वारा एक लाख से अधिक दीए और पांच सौ गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्तियां तैयार की गई है। उनके द्वारा एक किट टोकरी में 30 छोटे दीए, 20 बड़े दीए और एक-एक गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति सम्मिलित कर पूरी टोकरी का मूल्य 390 रुपये रखा गया है। इसकी बिक्री हो जाने से महिला समूहों का उत्साहवर्धन होने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम लिलवापहर के दंतेश्वरी समूह द्वारा 1587 दीया, ग्राम मुड़पार के शीतला समूह द्वारा 1642, बिहाव पारा के जय पार्वती समूह द्वारा 956 और ग्राम राजपुर के लक्ष्मी समूह द्वारा 1254 गोबर से दीया का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पोड़गांव के युक्ति समहू द्वारा 800 तथा ग्राम कलगांव के उन्नति समूह द्वारा 500 गोबर के दीया बनाये गये हैं, वहीं ग्राम आमाबेड़ा के शीतला समूह द्वारा 80 किलोग्राम रंगोली और ग्राम फुफगांव के नारी शक्ति समूह द्वारा 600 नग गोबर से निर्मित मोमबत्ती तैयार किये गये हैं, जिनके विक्रय से उनको आर्थिक आमदनी होगी। विकासखण्ड कांकेर के ग्राम गढ़पिछवाड़ी में गायत्री स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गोबर से दीया, ओम, शुभ-लाभ, श्री आदि तैयार किये गये हैं।

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