काण्डेकेला के ग्रामीणों के आंदोलन के बाद अब सरपंच बर्खास्त

कई महीनों से की जा रही थी कार्रवाई की मांग

गरियाबंद@thethinkmedia.com
गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत मैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत काण्डेकेला में ग्राम पंचायत के सरपंच नंदकिशोर कोमर्रा एवं सचिव दुरुपसिंह सोनवानी द्वारा बगैर पंचों के सहमति के कुटरचित दस्तावेज तैयार कर विभिन्न निर्माण कार्यों और शासकीय राशि लगभग 40 लाख रुपए का भ्रष्टाचार करने का पंचों एवं सैकड़ों ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए जनपद पंचायत और कलेक्टोरेट का घेराव किया था और नेशनल हाईवे 130 सी धुरवागुड़ी में लगभग 6-7 घंटे तक चक्काजाम किया था, जिसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैनपुर सूरजकुमार साहू, तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौके पर पहुंचे और एसडीएम सूरजकुमार साहू ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। जांच के बाद अब ग्राम पंचायत काण्डेकेला के सरपंच नंदकिशोर कोमर्रा को बर्खास्त किया गया है।
घटनाक्रम इस प्रकार रहा :
6 जुलाई को काण्डेकेला के उपसरपंच जमुना बाई सिन्हा के नेतृत्व में 14 पंचों के हस्ताक्षरयुक्त एक शिकायत पत्र मैनपुर जनपद में सौंपा गया था, इस शिकायत पत्र में निर्माण कार्य कराए बगैर सीसी सड़क, नाली निर्माण के अलावा विभिन्न कार्यों के नाम पर बगैर प्रस्ताव के 40 लाख की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था।
23 जुलाई को 14 पंच और कुछ ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचकर शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की थी और कार्रवाई न होने की स्थिति में सामूहिक इस्तीफे की पेशकश भी की थी।
3 अगस्त को भ्रष्टाचार के इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत मैनपुर एवं जिला कलेक्टोरेट का घेराव कर दिया था और सरपंच व सचिव पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए नारेबाजी की और कार्रवाई न होने पर 20 अगस्त को नेशनल हाईवे 130 पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी। जिसके पश्चात 3 अगस्त को ही जनपद पंचायत मैनपुर के सीईओ द्वारा 3 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया।
5 अगस्त को जांच अधिकारी डीपी साहू के नेतृत्व वाली टीम ग्राम पंचायत काण्डेकेला पहुंची और जांच प्रारंभ किया और इस दौरान जांच से असुंतष्ट जनता के गुस्से का सामना भी करना पड़ा था।
10 अगस्त को भ्रष्टाचार मामले की जांच के लिए एक बार फिर से जनपद पंचायत मैनपुर से जांच टीम पहुंची, इस टीम में पूर्व में प्रारंभिक जांच के लिए आए डीपी साहू की टीम ही आई थी। जांच टीम द्वारा निर्माण स्थल का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया गया, यह जांच बारी-बारी से ग्रामीणों के सामने किया गया, जिसमें भौतिक सत्यापन, कुछ कार्यों की माप व कुछ कार्यों का कार्यस्थल जाकर अवलोकन भी किया गया और इस दौरान भ्रष्टाचार होना पाया गया।
19 अगस्त को इस मामले को लेकर तहसीलदार ख्याति कंवर, मैनपुर जनपद सीईओ नर्सिंग ध्रुव ग्राम पंचायत काण्डेकेला पहुंचे, जहां अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच चक्काजाम को लेकर बात हुई और अधिकारियों ने ग्रामीणों को चक्काजाम न करने की समझाई दी, लेकिन ग्रामीण सरपंच-सचिव को बर्खस्त करने पर अड़ गए लेकिन अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों द्वारा 20 अगस्त को होने वाले चक्काजाम को स्थगित किया गया।
28 अगस्त को आश्वासन के अनरूप कार्रवाई न होने पर ग्राम पंचायत काण्डेकेला के सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक को बर्खास्त करने की मांग को लेकर काण्डेकेला से आकर धुरवागुड़ी नेशनल हाइवे 130 पर सुबह 7 बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम पर बैठ गए और देखते ही देखते नेशनल हाईवे धुरवागुड़ी धरना स्थल की दोनों ओर गाडिय़ों की लम्बी कतार लग गई। वहीं मामले को लेकर मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी सूरज साहू धुरवागुड़ी पहुंचे और ग्रामीणों से सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक पर कार्रवाही करने का आश्वासन देते हुए चक्का जाम को खत्म करने का आग्रह करने के पश्चात ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया गया था।

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