तिल्दा-नेवरा। देश भर में ईद उल फितर ईद का पर्व बड़े उल्लास पूर्वक मनाया गया। रायपुर जिला के तिल्दा-नेवरा नगर के ईदगाह में हजारों की संख्या में लोग शरीक होकर नमाज अदा किया। हालाकि यह त्योहार प्रमुख रूप से इस्लाम धर्म से जुड़ा हुआ है। फिर भी सभी धर्म के लोग मिलजुल कर यह त्योहार मनाते हैं। बताया जाता है कि इस पर्व से पहले शुरू होने वाले रमजान के पाक महीने में इस्लाम मजहब को मानने वाले लोग पूरे एक माह रोजा (व्रत) रखते हैं, रमजान महीने में मुसलमान को रोजा रखना अनिवार्य है क्योंकि उनका ऐसा मानना है कि इससे अल्लाह प्रसन्न होते हैं। हाफिज मोहम्मद अली अशरफी ने कहा कि यह पर्व त्याग और अपने मजहब के प्रति समर्पण को दर्शाता है, यह बताता है कि इंसान को अपनी इंसानियत के लिए इच्छाओं को त्याग करना चाहिए जिससे कि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके। ईद के अवसर पर सभी ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई। ईद उल फितर का निर्धारण एक दिन पहले चांद देखकर होता है। चांद दिखने के बाद उससे अगले दिन ईद मनाई जाती है। ईद एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस पर्व में लोगों ने भाईचारे की संदेश के साथ ही एक दूसरे की तरक्की की दुआ मांगी | नमाज पढ़ने के बाद लोग एक दूसरे से गले मिलते नजर आए और ईद की मुबारक बात दी | इस दौरान रंग-बिरंगे कपड़ों में बच्चों की खुशी देखने लायक थी | मुस्लिम समाज के अलावा अन्य समाज के लोग इस मौके पर बधाई देने के लिए शामिल हुए | ईद की नमाज अदा करने के बाद देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआए मांगी गई।