Fire Season में 26 हजार हेक्टेयर जंगल राख

शिमला। बारिश की फुहारों ने हिमाचल में दहकते जंगलों को शांत कर दिया है। अब तक प्री मानसून की एंट्री से गर्मी के बाद दूसरी बड़ी राहत वन विभाग को मिली है। वन विभाग को अप्रैल से शुरू हुए फायर सीजन में इस बार करीब नौ करोड़ रुपए की चपत लग चुकी है और 26535 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल आग की भेंट चढ़े हैं। मानसून के दखल से ठीक पहले वन विभाग ने फायर और ड्राई सीजन में तबाह हुए जंगलों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट को राज्य सरकार को भेजा जा रहा है और इसमें सामने आए आंकड़ों के आधार पर ही विभाग अगले साल फायर सीजन की तैयारी करेगा। यह रिपोर्ट ही अब यह भी तय करेगी कि आग को लेकर कौन से क्षेत्र संवेदनशील हैं। इस वन विभाग की इस रिपोर्ट में दर्ज आंकड़े चौंकने वाले हैं। वन विभाग को सबसे बड़ा नुकसान नई पौध के नष्ट होने से हुआ है। 4941.285 हेक्टेयर की नर्सरी में

विभाग की शुरुआती रिपोर्ट पर गौर करें तो मार्च के बाद से 2271 अग्निकांड के मामले पंजीकृत हुए हैं। 26 हजार से ज्यादा हेक्टेयर भूमि आग से प्रभावित हो गई है।वन विभाग ने आग की भेंट चढ़े नए पौधों की रिपोर्ट अलग से बनाई गई है। वन विभाग ने इस रिपोर्ट को तीन चरणों में तैयार किया है। इसमें पहले चरण में प्लांटेशन एरिया, सामान्य प्रभावित क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों को शामिल किया है। इसमें 19894 हेक्टेयर एरिया सामान्य तौर व 1699 हेक्टेयर प्रभावित क्षेत्रों के दायरे में रखा गया है। आग के सबसे ज्यादा मामले धर्मशाला सर्किल में पेश आए हैं, जबकि सबसे ज्यादा एरिया मंडी में प्रभावित हुआ है। मंडी में 3424.02 हेक्टेयर, शिमला में 3397, बिलासपुर में 3329, धर्मशाला में 3168, सोलन में 2974, हमीरपुर में 2623, चंबा में 2093, रामपुर में 1108, वाइल्ड लाइफ साउथ में 1113, कुल्लू में 174 और जीएनपी कुल्लू में 69.5 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। आग के सबसे ज्यादा 517 मामले धर्मशाला सर्किल में सामने आए हैं, कुल्लू में सबसे कम दस मामले पंजीकृत किए हैं।

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