छत्तीसगढ़ के 245 आधार सेवा केंद्र निलंबित

अंबिकापुर। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने छत्तीसगढ़ के 245 आधार सेवा केंद्रों को निलंबित कर दिया है। आधार कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण यह निर्णय लिया गया है। हैदराबाद स्थित मुख्य कार्यालय से इन केंद्रों की आइडी बंद कर दी गई है। इसमें उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के 14 केंद्रों के अलावा बलरामपुर जिले के शंकरगढ़, वाड्रफनगर,सूरजपुर जिले के प्रतापपुर, ओड़गी आधार सेवा केंद्र भी शामिल है। तीन माह से एक वर्ष के लिए निलंबित इन केंद्रों से जवाब भी मांगा गया है। आधार कार्ड निर्माण के लिए दस्तावेज निर्धारित है। सुधार की प्रक्रिया के लिए भी नियमावली बनी हुई है लेकिन नियमों के विपरीत काट-छांट और सफेदा लगाकर ओवर राइटिंग वाले दस्तावेजों के संलग्नीकरण से यह सख्ती की गई है। ऐसी शिकायत पहले भी सामने आई थी। उस दौरान लगभग साढ़े चार सौ सेवा केंद्रों को निलंबित करने प्रस्तावित किया गया था लेकिन जिला स्तर से भविष्य में ऐसी गलती न होने संबधी जबाब प्रस्तुत करने से कार्रवाई नहीं हुई थी लेकिन इस बार सीधे आइडी ही बंद कर दी गई है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों के केंद्रों में उत्तरप्रदेश और झारखंड के लोगों का भी आधार कार्ड स्थानीय पता के अनुसार बना देने की शिकायत है। मालूम हो कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 1200 केंद्र संचालित हैं।

दस्तावेजों में कमी और त्रुटि के आंकड़े से होता है निर्णय-
यह हो रही दिक्कत- सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर जिले के कई इलाके भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण हैं। इन ग्रामीण इलाके में संचालित केंद्रों के बंद हो जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। दूसरी जगहों पर जाकर उन्हें नया आधार कार्ड, निर्मित आधार कार्ड में सुधार कराना पड़ रहा है इससे समय और अतिरिक्त राशि भी खर्च करनी पड़ रही है।एक ब्लाक मुख्यालय से दूसरे ब्लाक मुख्यालय भी जाना पड़ रहा है। आधार कार्ड , हर शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के अलावा अपनी पहचान बताने का सबसे मजबूत माध्यम है।
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