हनुमान मंदिर में 11 दिवसीय राम कथा का आयोजन

प्रयागराज, रीवा और सतना की मंडली कर रही 11 दिवसीय रामकथा

किरंदुल। दंतेवाड़ा के बस स्टैंड स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में 11 दिवसीय राम कथा का आयोजन किया जा रहा है. सार्वजनिक राम कथा महोत्सव मंडली द्वारा शनिवार को सुंदर कांड का पाठ किया गया और रविवार से विधिवत ग्यारह दिवसीय श्री रामकथा का भव्य आगाज हुआ। कथा के शुभारंभ अवसर पर सर्वप्रथम गणेश और देवी जी की वंदना की गई. इसके बाद भजन गायक मनोज प्रसाद तिवारी द्वारा श्रद्धालुओं के साथ भजन कीर्तन किया गया जिससे नगर का माहौल भक्तिमय हो गया. श्री राम कथा हेतु मंडली को मंदिर समिति के साथ नगरवासियों, व्यापारियों और भक्तों का भरपूर सहयोग मिल रहा है.

कथा के प्रथम दिन कथा वाचक कृष्णा कांत तिवारी ने रामकथा का महत्व बताते हुए कहा कि मानस के श्रवण मात्र से शांति मिलती है। जो लोग इसे सावधानी से गाते व सुनते हें वे ही इस सुंदर मानस के अधिकारी हैं। राम कथा निर्विवाद रूप से दर्पण है। जो आदर श्रद्धा पूर्वक इसका श्रवण चिंतन करेगा तो ग्यारह दिन में उसे स्वयं के जीवन की त्रुटि और पतित पावन परमात्मा के कृपालु स्वभाव का अनुभव हो जाएगा। साधकों को रामकथा यही अनुभूति कराती है। रामकथा भगवान का दिव्य चरित्र होने के साथ मन की मलिनता धोने की कथा है। ये दिव्य कथा जीवन दर्शन है। कथा के चौथे दिन उन्होंने विस्तापूर्वक भगवान श्री राम के प्राकट्य का प्रसंग सुनाया. उन्होंने बताया कि कैसे चक्रवर्ती राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति हेतु कितने जतन करने पड़े और अंततः प्रभु श्री राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघ्न उन्हें पुत्र के रूप में प्राप्त हुए. प्रभु श्री राम के प्राकट्य की कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और बड़े श्रद्धाभाव से लोगों ने इसका श्रवण किया. प्रति दिन कथा के बाद रामायण जी और हनुमान जी आरती की जाती है और इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाता है. ये मंडली 2005 से सार्वजनिक रामकथा कर रही है. इन्होंने अबतक तक 6 राज्यों के विभिन्न जिलों में सार्वजनिक रामकथा का आयोजन किया है. इस राम कथा मंडली में कुल सात लोग हैं जो अलग अलग राज्यों से आते हैं. जिसमें कथा वाचक कृष्णा कांत तिवारी, भजन गायक मनोज प्रसाद तिवारी, श्रीकांत द्विवेदी, अवधेश प्रताप तिवारी, बबलू पांडे, रामभवन तिवारी और शिवम् मिश्रा शामिल हैं.

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