रायपुर। त्यौहारी सीजन में बाजार में चांदी के सिक्के या गहने खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा सतर्क रहें। दुकान में चमक रहे चांदी के गहने और सिक्के मिलावटी भी हो सकते हैं। धंधेबाज 15 हजार रुपये किलो खरीदकर गिलट और एल्यूमीनियम की मिलावट कर देते हैं। इन गहनों की चमक देखकर लगेगा ही नहीं कि यह मिलावटी भी है।
धंधेबाज मिलावट के बाद चांदी के इन गहनों और सिक्कों में भारी छूट दिखाकर 1 लाख रुपये किलो तक बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
सराफा मार्केट में सोने और चांदी की डिमांड ही ज्यादा रहती है, सोने के बाद चांदी के बढ़ते दामों ने इनको आम लोगों की पहुंच से दूर बना दिया। मौके का फायदा उठाने के लिए कुछ दुकानदार चांदी के आभूषणों में भारी छूट जैसे ऑफर मार्केट में देने लगे है। इन ऑफर की हकिकत जानने जब हम बाजार पहुंचे तो पता चला की ऑफर में चांदी देने वाले दुकानदार मिलावटी चांदी बेच रहे है । जानकारी के मुताबिक सराफा कारोबार में 15, 45 और 52 टंच का खेल होता है। जैसे, ग्रामीण इलाकों में धंधेबाज 15 टंच वाले चांदी को मिलाकर पूरी तरह से शुद्ध बना देते हैं जबकि शहरी क्षेत्र में ये धंधेबाज 45 और 52 टंच वाली चांदी को शुद्ध चांदी बनाकर उसे अंतरराष्ट्रीय भाव पर बेच रहे है ।
सराफा कारोबारियों के मुताबिक एजेंसियों को सोने के साथ चांदी के धंधेबाजों पर भी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं ग्राहकों को भी चाहिए की वे अपने पिरिचित दुकान से ही खरिदी किसी भी प्रकार के ऑफर के लालच में आकर खरिदी न करें । सराफा या टंच कारोबारियों के पास सिर्फ 92 टंच की चांदी की जांच करने के लिए मशीन है। इससे कम की चांदी को कारीगर अपने विधि से जांचते हैं। जैसे एसिड व अन्य केमिकल के जरिये चांदी को पूरी तरह से गलाकर तरल कर देते हैं। इसके बाद केमिकल डालकर ही तरल पदार्थ से चांदी के रंग और अन्य धातुओं के मिश्रण का अनुपात आंका जाता है।