शिक्षकों ने PM मोदी को खून से लिखा पत्र, बताया पीड़ा

सुकमा। सुकमा में शिक्षा कर्मियों ने आंदोलन का अनोखा तरीका अपनाया है. 15 दिनों से चल रहे धरने में 900 से अधिक कर्मी शामिल हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखा है. इनकी मांग है कि उन्हें नियमित कर्मचारी बनाया जाए. कर्मियों ने कहा कि सालों से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन पहचान नहीं मिली. इस आंदोलन में महिला शिक्षक भी बड़ी संख्या में हैं. प्रदर्शन शांतिपूर्ण है लेकिन गहरा आक्रोश साफ झलकता है. सरकार की बेरुखी से कर्मी मानसिक तनाव में हैं. शिक्षा व्यवस्था भी इससे प्रभावित हो रही है. यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा.

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दंतेवाड़ा के एक सरकारी स्कूल में चौंकाने वाली चोरी हुई है. स्कूल के कंप्यूटर चोरी कर लिए गए और बच्चों की फाइलें डिलीट कर दी गईं. यह सब रात के समय हुआ जब सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं था. चार साल पहले लगे सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे. शिक्षकों ने कहा कि स्कूल की सुरक्षा में भारी चूक हुई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बच्चों के प्रोजेक्ट और रिपोर्ट्स का डेटा चला गया है. अभिभावक भी इस लापरवाही से नाराज़ हैं. स्कूलों में साइबर और भौतिक सुरक्षा दोनों की ज़रूरत है. यह घटना प्रशासन के प्रति गंभीर सवाल खड़े करती है.

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