राजस्व की छापामार कार्रवाई में खुली पोल, एडीबी की सड़क के लिए मुरुम का अवैध उत्खनन

कलेक्टर के निर्देश के बाद राजस्व अमले ने मारा छापा, मौके से दो एस्कावेटर जप्त, ग्राम पंचायत भवन के पास ही हो रहा था अवैध उत्खनन, लंबे समय से हो रही थी शिकायतें

राजनांदगांव/डोंगरगांव@thethinkmedia.com

एशियन डेवलमेंट बैंक द्वारा वित्तपोषित सड़कों में अनियमितता और गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायतों का लंबा दौर रहा है। इस बीच डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम बड़भूम में राजस्व विभाग के अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने डोंगरगांव-खुज्जी-जेवरतला सड़क निर्माण के लिए मुरुम के अवैध उत्खनन पर छापा मार कार्रवाई की है। यहां से अवैध उत्खनन कर रहे दो एस्कावेटर जब्त किए गए हैं। आगे की कार्रवाई जारी है। वहीं इस कार्रवाई के बाद एडीबी की सड़क निर्माण की विभागीय मॉनिटरिंग और पूर्व में की गई जांच अब संदिग्ध हो चुकी है।
जिले में एडीबी की सड़क निर्माण कार्यों में गड़बडिय़ों के मामले को दैनिक पायनियर लगातार सामने लाता रहा है। रविवार को विभागीय कार्रवाई से यह तय हो चुका है कि इन निर्माण कार्यों में अवैध तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पैकेज नंबर 11 में डोंगरगांव-खुज्जी-पिनकापार-जेवरतला मार्ग में अनियमितता और गुणवत्ताहीन निर्माण के मामले को लेकर लगातार प्रकाशित खबरों के बाद मई में एडीबी के उच्चाधिकारी यहां जांच के लिए पहुंचे थे। लेकिन उन्होंने भी अपने निरीक्षण में गड़बडिय़ों से मुंह फेर लिया था।
करोड़ों की लागत से हो रहे इस सड़क निर्माण को लेकर पूर्व में तत्कालीन ईई ने एक रिपोर्ट तैयार की थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में निर्माण कार्यों में कई खामियां पकड़ी थी। इस सड़क का निर्माण तकरीबन सौ करोड़ की लागत से किया जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के मापदंडों के अनुसार इस सड़क का निर्माण होना है। लेकिन यहां निर्धारित मापदंडों के प्रतिकूल काम किए जाने की शिकायतें आती रहीं हैं।
निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप पुराने : इस संबंध में अज्ञात विभागीय व्यक्ति द्वारा पायनियर को उपलब्ध कराए गए तथ्यों में कंस्ट्रक्शन कंपनी, कंसल्टेंट और विभागीय अधिकारियों पर कई आरोप लगे थे। आरोप था कि सड़क निर्माण में जीएसबी, डब्लूएमएम के कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है जिससे सड़क की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। ऐसे निर्माण के बाद करोड़ों की इस सड़क का ज्यादा दिन टिकना मुश्किल हो सकता है। वहीं इसी सड़क के कुछ हिस्सों में अभी से ही डामर उखडऩे की शिकातयें भी सामने आई थी। नाली-पुलिया के निर्माण में लापरवाही और सड़क किनारे कॉम्पेक्शन के कार्यों में भी शिकायतें आई थी।

कार्रवाई से खुली पोल

एडीबी के अधिकारियों ने मई में शिकायतें को बाद सड़क निर्माण और प्रक्रिया की जांच की थी। जांच के बाद अधिकारियों ने इस निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी थी जो कि जिसके बाद विभागीय अधिकारियों, कंस्ट्रक्शन कंपनी और कंसल्टेंट फर्म के अधिकारियों पर मिली भगत के आरोप लग रहे थे। रविवार को राजस्व विभाग की कार्रवाई में सड़क निर्माण के लिए अवैध उत्खनन का पदार्फाश हुआ है। बताया जा रहा है कि यहां महिनों से अवैध उत्खनन हो रहा है और मुरुम एडीबी की सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही है। इस कार्रवाई से यह तो साफ हो ही गया है कि अधिकारियों ने सड़क निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग में किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई और कंस्ट्रक्शन कंपनी को मनमानी करने की छूट दे रखी है। छापामार कार्रवाई में अधिकारियों की कार्यशैली और उनकी जांच की पोल खुलकर सामने आई है और अब जांच पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

सरपंच की भूमिका भी संदिग्ध

रविवार को ग्राम बड़भूम में नायाब तहसीलदार, पटवारी व पुलिस की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। टीम ने यहां अवैध उत्खनन होना पाया। इसकी शिकायत लंबे समय से हो रही थी। सुर्खियों में रहने के बाद इस मामले में कलेक्टर की ओर से कार्रवाई के आदेश आने की खबर है। इस पूरे मामले में सरपंच की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोप लग रहे हैं कि अवैध उत्खनन सरपंच के इशारे पर ही शुरु हुआ। सूत्र बताते हैं कि यह सब लंबे समय से चल रहा है। ग्राम पंचायत बड़भूम में पंचायत भवन के करीब में ही एक लम्बे समय से अवैध रूप से मुरूम उत्खनन किया जा रहा था। यह भी पता चला है कि क्षेत्र में बन रहे सडक़ के अलावा दूसरे तहसील और विधानसभा क्षेत्र में बन रहे सडक़ों के लिए भी यहीं से मुरूम उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा था।

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