किरंदुल. लौहनगरी किरंदुल के हृदय स्थल पर अवस्थित नगरपरिवार की भक्ति एवं आराधना का प्रमुख केंद्र श्री बैलाडीला देवस्थान राघव मंदिर में श्री दुर्गा महाष्टमी के पावन अवसर पर बैलाडीला देवस्थान समिति एवं गायत्री परिवार के तत्वाधान में हवन, पूजन, महाआरती, नवकन्या भोज का आयोजन किया गया। इस सुअवसर पर एनएमडीसी लिमिटेड किरंदुल कॉम्पलेक्स के अधिशाषी निदेशक रबिन्द्र नारायण की सपत्नीक गरिमामयी उपस्थिति रही। बैलाडीला देवस्थान समिति श्री राघव मंदिर के कोषाध्यक्ष राजेंद्र यादव, पी.सी. जैन, गायत्री परिवार के डी. पी. डेहरिया, मोहित देशमुख, पुष्पा सिंह उपस्थित थे। श्री राघव मंदिर के प्रधान पुजारी सत्येंद्र प्रसाद शुक्ल द्वारा जानकारी दी गई कि नवरात्रि के अष्टम दिवस माता के आठवें स्वरूप महागौरी जी की आराधना की जाती है। मां दुर्गा का ये स्वरूप एकदम श्वेत हैं। ऐसा कहा जाता है कि देवी को वर्षों कठोर तपस्या करने के बाद गौर वर्ण की प्राप्ति हुई थी। देवी ने सफेद रंग के वस्त्र धारण किए हुए हैं। माता की सवारी वृषभ यानी बैल है। मां की चार भुजाएं हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार माता महागौरी के अवतरित होने के समय देवी की आयु 8 वर्ष थी। कल नवमी तिथि की संध्या ज्योति कलश विसर्जन किया जायेगा।
