रायपुर। मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों तक छत्तीसगढ़ सहित पूर्वी उत्तर भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। IMD के रिपोर्ट के जरिए ये पता चला है कि आज रात 12. 30 के बाद से रायपुर सहित कई जिलों में लगातार कड़ाके के साथ भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है। 26 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार सक्रिय रहने वाली मानसूनी गतिविधियों के कारण मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और उड़ीसा के कई जिलों में तेज बौछारों के साथ गरज-चमक की स्थिति बनेगी।
छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता
राजधानी रायपुर सहित राज्य के कई जिलों में मंगलवार रात से ही गहरे बादल छा गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) फिलहाल मध्य भारत से गुजर रही है। इसके प्रभाव से राज्य के उत्तरी हिस्सों में विशेष रूप से बिलासपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। वहीं रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
IMD की अधिकृत वेबसाइट से ली गई तस्वीर पूर्वी उत्तर भारत में अलर्ट IMD ने बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिन इन क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश होगी। गंगा के मैदानी इलाकों और तराई बेल्ट में भारी बौछारें पड़ सकती हैं। इससे निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
मध्यप्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी मध्यप्रदेश के कई जिलों, खासकर जबलपुर, रीवा, शहडोल और भोपाल संभाग में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। मानसूनी हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण यहां लगातार बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अगले चार दिनों तक औसत से अधिक बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में भी असर
आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में भी मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, कर्नाटक के उत्तरी जिलों में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक और मूसलाधार वर्षा के आसार हैं। उड़ीसा और पश्चिमी उड़ीसा में भारी बारिश उड़ीसा और पश्चिमी उड़ीसा के जिलों में भी गहरे बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने यहां भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। समुद्र तट के पास मछुआरों को सतर्क रहने और समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
IMD की चेतावनी और सतर्कता मौसम विभाग ने साफ तौर पर चेताया है कि अगले 4 दिन लोगों को सावधानी बरतनी होगी। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कुछ निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की सुरक्षा और खेतों में जलभराव रोकने के लिए समय पर प्रबंधन करें।
