रायपुर। राजधानी में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हो गए हैं। अंबेडकर समेत छोटे-बड़े सरकारी अस्पतालों में रोजाना डॉग बाइट के औसतन 14 केस आ रहे हैं। निगम के आंकड़ों के अनुसार ही रायपुर में पिछले तीन साल में 56 हजार से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। इसके बावजूद निगम वाले इस समस्या को खत्म करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।
आवारा और आक्रमक कुत्तों को पकड़ कर रखने के लिए डॉग शेल्टर हाउस बनाने का काम ढाई साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से शहर में आवारा और पागल किस्म के कुत्ते लोगों को ज्यादा काट रहे हैं।
राजधानी में किसी भी चौक-चौराहे से लोगों को निकलना मुश्किल हो रहा है। शहर की सभी सड़कों पर सबसे ज्यादा रात में कुत्तों का झुंड जमा हो जाता है। आते-जाते लोगों को पर वे हमला करते हैं। इतना ही नहीं बाइक वालों को कई दूर तक दौड़ाते भी हैं। इस वजह से गाड़ी से गिरकर कई बार वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।